Panchatantra Ki Anokhi Kahani Story सियार, मगरमछ और खरगोश kahani in Hindi-moral story in hindi for kids

Panchatantra Ki Kahani Story सियार, मगरमछ और खरगोश kahani in Hindi-moral story in hindi for kids प्रेरणादायक कहानियाँ

पंचतंत्र की कहानियाँ भारतीय साहित्य की महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो हमें मनोरंजन के साथ-साथ जीवन के मूल सिख भी सिखाती हैं। इन कहानियों में छुपी नैतिक मूल्यों को सुलभता से समझाने के लिए एक उदाहरण मिलता है, जिससे बच्चे न केवल मनोरंजन में बल्कि सही और गलत के बीच अंतर को भी समझ पाते हैं। इस लेख में हम आपको पंचतंत्र की एक प्रसिद्ध कहानी "सियार, मगरमछ और खरगोश" के रूप में पेश करेंगे, जो कि न केवल रोचक है बल्कि एक महत्वपूर्ण सिख भी देती है। चलिए, इस मनोरंजनपूर्ण और शिक्षाप्रद कहानी के माध्यम से बच्चों को अच्छे मूल्यों की पहचान करने में मदद करते हैं।

Panchatantra Ki Kahani Story सियार, मगरमछ और खरगोश


 शीर्षक: सियार, मगरमच्छ और खरगोश

एक बार की बात है, एक जंगल में एक बड़ा सा झील था। उस झील में कई प्रकार के पशु-पक्षी रहते थे। इस झील में एक सियार, एक मगरमच्छ और एक खरगोश मिले थे।


इन तीनों के बीच मित्रता हो गई थी और वे एक-दूसरे के साथ बहुत खुश रहते थे। हर दिन वे सब साथ में घूमते, खेलते और मस्ती करते थे। वे एक-दूसरे के साथ अपनी हर समस्या को बाँट लेते और साथ मिलकर उन्हें हल करते।


एक दिन, उन्होंने सोचा कि अब उन्हें एक घर बनाना चाहिए। उन्होंने तीनों मिलकर विचार किया और सोचा कि क्यों न उन्हें एक-दूसरे की मदद से घर बनाने में मजा किया जाए।


सियार ने कहा, "मेरे पास एक चालीसा है। जिसमें मैं अपनी बातें लिखता हूँ। मैं तुम्हारे साथ बाँट दूंगा और तुम भी अपनी बातें लिखो।"


मगरमच्छ ने कहा, "मैं एक बड़ा और मज़ेदार कछुआ हूँ। मेरे पास एक विशेष योजना है जिससे हम बड़ी और आलिशान घर बना सकते हैं।"


खरगोश ने कहा, "मैं एक बहुत तेज और समझदार खरगोश हूँ। मैं तुम्हें तक़नीकी मदद दूंगा और घर के अंदर के काम करूँगा।"


इसी तरह तीनों ने मिलकर अपनी योजनाएं तैयार कीं और घर बनाने की शुरुआत कर दी। सियार ने चालीसा को खाचर में लिख दिया और खरगोश ने घर के अंदर के विचार बनाएं। मगरमच्छ ने खरगोश और सियार को झील में ज़मीन खोदने के लिए बताया और जल्दी से ज़मीन खोद दी।


तीनों मिलकर ज़मीन खोदने लगे और बड़ी मेहनत के बाद, एक खूबसूरत और आलिशान घर बन गया। घर के अंदर का सामान भी सजा-सँवर था। तीनों ने एक दूसरे को गले लगाया और उनके चेहरों पर बड़ी खुशी की मुस्कान थी।


तभी एक पुराने बगीचे से एक पंछी गुजर रहा था। वह पंछी उन तीनों को देखकर बड़े चकित हो गया और उनसे पूछा, "वाह, तुम तीनों ने इतने सुंदर और आलिशान घर कैसे बनाए हैं?"


तीनों ने गर्व से सीना


 चौड़ा किया और सियार ने कहा, "हमने मिलकर एक-दूसरे की मदद की और एक संगठित तरीके से घर बनाया।"


मगरमच्छ ने कहा, "हाँ, और हमने एक आलिशान और विशाल घर बनाया है जो कि सबके दिलों को छू गया।"


खरगोश ने कहा, "और मैंने घर के अंदर का सामान तैयार किया और घर के सभी तक़नीकी कामों का ध्यान रखा।"


पंछी ने खुशी से उनका साथ दिया और उन्हें बधाई देकर आगे निकल गया।


तीनों ने अपनी मेहनत का फल पा लिया और खुशी-खुशी उस आलिशान घर में रहने लगे। वे अपने साथ रहने वाले पशु-पक्षियों को भी बुलाते और उन्हें खुश रखते।


तीनों का दोस्ती और सहायता से घर बनाने का संदेश उस जंगल में फैल गया और सभी पशु-पक्षियों ने एक-दूसरे की मदद करने का संकल्प लिया। वे सभी साथ मिलकर बहुत खुश रहते और अपने जीवन को खुशियों से भर देते।


इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि विश्वासपूर्वक और आपसी सहायता से हम किसी भी मुश्किल का सामना कर सकते हैं। यदि हम साथ मिलकर मिल-जुलकर काम करें और एक-दूसरे की मदद करें, तो हम बहुत सारे मुश्किल से निपट सकते हैं और सफलता को हासिल कर सकते हैं। हमें सभी के साथ एक सच्चे मित्र के रूप में रहना चाहिए और उन्हें सबके साथ खुश रखने का प्रयास करना चाहिए।

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